नई दिल्ली। भारतीय रेल ने जुलाई 2026 में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए देश की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक नेटवर्क को नई मजबूती प्रदान की है। जुलाई 2025 की तुलना में इस वर्ष जुलाई में माल ढुलाई 9 प्रतिशत बढ़कर 141.3 मिलियन टन हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 129.7 मिलियन टन थी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, माल ढुलाई में वृद्धि के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। लौह अयस्क की ढुलाई में 22.2 प्रतिशत, उर्वरक में 12 प्रतिशत, कोयला और अनाज की ढुलाई में 11.5-11.5 प्रतिशत तथा अन्य वस्तुओं की ढुलाई में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं, बिजली संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति 20 प्रतिशत बढ़ाई गई, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली।
माल ढुलाई में बढ़ोतरी का सकारात्मक असर राजस्व पर भी दिखा। जुलाई 2026 में माल परिवहन से भारतीय रेल को 1,137 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। जोनल रेलवे में पूर्व-मध्य रेलवे और पूर्व रेलवे ने 33-33 प्रतिशत, पश्चिम-मध्य रेलवे ने 23 प्रतिशत तथा दक्षिण-पूर्व रेलवे ने 10.33 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की।
यात्री सेवाओं में भी रेलवे का प्रदर्शन बेहतर रहा। जुलाई 2026 में भारतीय रेल ने 63.35 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जबकि जुलाई 2025 में यह संख्या 62.19 करोड़ थी। उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों श्रेणियों में यात्री संख्या बढ़ने से रेल यात्रा के प्रति लोगों का भरोसा और आकर्षण बढ़ता दिखाई दे रहा है।
भारतीय रेल ने कहा कि वह माल ढुलाई की लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाने, यात्री सुविधाओं को आधुनिक बनाने और रेल अवसंरचना के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संचालन दक्षता, क्षमता विस्तार और ग्राहक-केंद्रित पहलों के माध्यम से रेलवे देश की आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और करोड़ों यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

