Home National News भारत की परमाणु शक्ति का स्वर्णिम अध्याय: पोखरण 1998

भारत की परमाणु शक्ति का स्वर्णिम अध्याय: पोखरण 1998

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भारत की परमाणु शक्ति का स्वर्णिम अध्याय: पोखरण 1998

भारत के इतिहास में 11 मई 1998 का दिन हमेशा हमें गौरान्वित करता करेगा इस दिन भारत ने राजस्थान के पोखरण में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 3 परमाणु परीक्षण किये भारत ने परमाणु परीक्षण कर दुनिया को हतप्रभ कर दिया कि भारत किसी से कम नही इस दिन राजस्थान के पोखरण में भारत ने सफलतापूर्वक तीन परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत किए गए इन परीक्षणों ने यह साबित कर दिया कि भारत विज्ञान, रक्षा और सामरिक शक्ति के क्षेत्र में किसी भी देश से कम नहीं है।

इन परमाणु परीक्षणों के माध्यम से भारत ने अपनी सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता का परिचय दिया। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने यह साहसिक कदम उठाया, जिसने देश को वैश्विक मंच पर एक मजबूत परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया।

पोखरण परीक्षणों के बाद भारत की रक्षा नीति और रणनीतिक ताकत को नई दिशा मिली। परमाणु हथियारों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ी और देश की सुरक्षा क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई। दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन भारत ने अपने वैज्ञानिकों और स्वदेशी तकनीक के दम पर आगे बढ़ना जारी रखा।

11 मई 1998 का दिन हर भारतीय के लिए गर्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है।

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