गुजरात और पंजाब से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं पर सरकार और संबंधित संस्थाओं ने स्थिति स्पष्ट की है। गुजरात में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच राज्य सरकार, Indian Oil Corporation और पेट्रोलियम डीलर्स संगठनों ने संयुक्त रूप से लोगों को आश्वस्त किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार राज्य के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वरिष्ठ अधिकारी मोना खांधार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और कमी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
वहीं तेल कंपनियों के अधिकारियों ने भी कहा है कि सभी डिपो और टर्मिनलों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और जरूरत के अनुसार सप्लाई जारी रहेगी। पेट्रोलियम डीलर्स ने बताया कि आपूर्ति को और सुचारु बनाने के लिए डिलीवरी के समय को बढ़ाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई डीलर जानबूझकर पंप बंद रखता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।दूसरी ओर पंजाब में एक अधिकारी की मौत के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि यदि राज्य के जनप्रतिनिधि औपचारिक रूप से अनुरोध करते हैं, तो इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी जा सकती है।यह मामला गगनदीप सिंह रंधावा की मौत से जुड़ा है, जिन्होंने कथित रूप से उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए आत्महत्या की थी। इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया गया, जिसके बाद केंद्र ने जांच के लिए तैयार रहने की बात कही।इस बीच पुलिस ने पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है।
उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर कर्मचारियों के संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं करेगी और कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आरोप सामने आने के बाद संबंधित मंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।

