भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस की उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह फैसला हाल ही में हुई एक तकनीकी घटना के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया है।
क्या हुआ था?
7 फरवरी 2026 को एक प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान HAL Tejas रनवे पर निर्धारित दूरी से आगे निकल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ब्रेक सिस्टम में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। हालांकि, Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने स्पष्ट किया है कि यह कोई हवाई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि जमीन पर हुई एक सीमित तकनीकी घटना थी। पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया।
उड़ानों पर रोक क्यों?
सूत्रों के मुताबिक, Indian Air Force ने पूरे तेजस बेड़े की विस्तृत तकनीकी जांच का आदेश दिया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और संभावित खामियों की पुष्टि या निराकरण नहीं हो जाता, तब तक सभी तेजस विमानों की उड़ानें रोकी गई हैं। यह कदम सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एहतियातन उठाया गया है।
उत्पादन और इंजन आपूर्ति
हाल ही में 17 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री ने HAL के नासिक संयंत्र में LCA Mk1A की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया था, जिससे वार्षिक उत्पादन क्षमता 24 विमानों तक पहुंच गई है। तेजस के इंजन की आपूर्ति अमेरिकी कंपनी General Electric द्वारा की जा रही है, जिसके लिए GE और HAL के बीच समझौता है।
पिछली घटनाएं
मार्च 2024: राजस्थान के जैसलमेर के पास युद्धाभ्यास के दौरान एक तेजस विमान इंजन फेल होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ।नवंबर 2025: Dubai Airshow के दौरान एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें हिमाचल प्रदेश के विंग कमांडर नमांश स्याल की मृत्यु हो गई थी।इन घटनाओं के बाद भी HAL ने कहा था कि वे अलग-अलग परिस्थितियों में हुई एकल घटनाएं थीं।तेजस विमान की उड़ानों पर लगाई गई रोक एक सावधानीपूर्ण और अस्थायी कदम है। जांच पूरी होने के बाद और तकनीकी स्थिति स्पष्ट होने पर ही विमान दोबारा उड़ान भरेंगे। भारतीय वायुसेना और HAL दोनों ही सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

