जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘देखो अपना देश’ विजन के तहत घरेलू पर्यटन को दिए जा रहे बढ़ते महत्व और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के राज्य को देश-दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के बीच वर्ष 2026 की पहली छमाही के पर्यटन आंकड़े राजस्थान की मजबूत पर्यटन क्षमता को दर्शाते हैं।
जनवरी से जून 2026 के बीच राजस्थान में कुल 10,92,04,101 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें 10,83,59,405 घरेलू पर्यटक यात्राएं और 8,44,696 विदेशी पर्यटक यात्राएं शामिल हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि घरेलू पर्यटन राजस्थान के पर्यटन बाजार का सबसे मजबूत आधार बना हुआ है। वहीं, विदेशी पर्यटकों की पसंद में राज्य के विरासत, सांस्कृतिक, धार्मिक, वन्यजीव और मरु पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट पहचान भी उभरकर सामने आ रही है।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक मार्केटिंग अजय शर्मा के अनुसार, पहली छमाही के आंकड़े राजस्थान की पर्यटन क्षमता की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। घरेलू पर्यटकों की बड़ी संख्या राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध विविध पर्यटन अनुभवों की लोकप्रियता को दर्शाती है, जबकि विदेशी पर्यटकों की यात्राएं राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान को और मजबूत कर रही हैं।
सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर घरेलू पर्यटन में सबसे आगे
जनवरी से जून 2026 के दौरान घरेलू पर्यटक यात्राओं के मामले में सीकर 1,56,18,987 यात्राओं के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद चित्तौड़गढ़ में 1,33,75,121 और जैसलमेर में 1,18,34,038 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं।
इसी अवधि में अजमेर में 99,28,270, जयपुर में 81,49,183, करौली में 64,00,913, सवाई माधोपुर में 61,88,159, सिरोही में 61,13,562, उदयपुर में 47,61,432 और चूरू में 34,08,523 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं।
अजय शर्मा के अनुसार, इन आंकड़ों में राजस्थान के घरेलू पर्यटन की विविधता स्पष्ट दिखाई देती है। धार्मिक और आस्था पर्यटन के लिए सीकर और करौली, ऐतिहासिक विरासत के लिए चित्तौड़गढ़, वन्यजीव पर्यटन के लिए सवाई माधोपुर, मरु पर्यटन के लिए जैसलमेर तथा प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए सिरोही और उदयपुर घरेलू पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
विदेशी पर्यटक यात्राओं में जयपुर सबसे आगे
विदेशी पर्यटक यात्राओं के मामले में जयपुर 2,56,293 यात्राओं के साथ जनवरी से जून 2026 के दौरान राजस्थान में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद उदयपुर में 1,84,045, जोधपुर में 82,846 और जैसलमेर में 66,433 विदेशी पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं।
विदेशी पर्यटकों की संख्या के लिहाज से सवाई माधोपुर में 38,542, अजमेर में 36,406, दौसा में 36,116, पाली में 28,982, झुंझुनूं में 23,567 और बीकानेर में 22,215 यात्राएं दर्ज की गईं।
अजय शर्मा ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की पसंद में राजस्थान की स्थापित विरासत और सांस्कृतिक पहचान साफ दिखाई देती है। जयपुर की ऐतिहासिक विरासत, उदयपुर के महल और झीलें, जोधपुर की मारवाड़ विरासत और जैसलमेर का मरु पर्यटन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।
वहीं, सवाई माधोपुर का विदेशी पर्यटक यात्राओं के प्रमुख केंद्रों में शामिल होना राजस्थान के वन्यजीव पर्यटन की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता को भी रेखांकित करता है।
दौसा और झुंझुनूं की विदेशी पर्यटन में बढ़ती पहचान
विदेशी पर्यटक यात्राओं में दौसा और झुंझुनूं का शीर्ष 10 जिलों में शामिल होना भी पहली छमाही के आंकड़ों की महत्वपूर्ण विशेषता है।
दौसा जिले में आभानेरी की चांद बावड़ी और हर्षत माता मंदिर प्रमुख पर्यटन आकर्षण हैं। चांद बावड़ी अपनी अद्भुत स्थापत्य विरासत के कारण देश-विदेश में पहचान रखती है।
वहीं, झुंझुनूं शेखावाटी की हवेलियों, भित्तिचित्रों और समृद्ध स्थापत्य परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां की कला और वास्तुकला विदेशी पर्यटकों को राजस्थान के एक अलग सांस्कृतिक अनुभव से परिचित कराती है।
अजय शर्मा के अनुसार, दौसा और झुंझुनूं जैसे जिलों का विदेशी पर्यटकों के प्रमुख गंतव्यों में शामिल होना इस बात का संकेत है कि राजस्थान की पर्यटन विरासत केवल जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे प्रमुख शहरों तक सीमित नहीं है।
राज्य के विभिन्न अंचलों की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक और स्थापत्य विरासत विदेशी यात्रियों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बन रही है।
घरेलू पर्यटन से मजबूत हो रही पर्यटन अर्थव्यवस्था
राजस्थान के पहली छमाही के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में पर्यटन का आधार अब केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों तक सीमित नहीं है। 10.83 करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटक यात्राएं यह दर्शाती हैं कि राजस्थान देश के घरेलू पर्यटकों के लिए भी सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है।
धार्मिक पर्यटन से लेकर ऐतिहासिक किलों, महलों और हवेलियों तक, वन्यजीव अभयारण्यों से लेकर रेगिस्तान और प्राकृतिक स्थलों तक राजस्थान में मौजूद विविध पर्यटन अनुभव घरेलू और विदेशी दोनों पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
पहली छमाही के ये आंकड़े राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत हैं और बताते हैं कि घरेलू पर्यटन राज्य की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है, जबकि विदेशी पर्यटकों की बढ़ती पहुंच राजस्थान की वैश्विक पर्यटन पहचान को नए विस्तार दे रही है।

