HomeNational Newsजनगणना के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ

जनगणना के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह में सोमवार को भारत की जनगणना के द्वितीय चरण की तैयारियों के संबंध में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ज्ञानचंद श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रताप नारायण यादव ने मां वीणापाणी की आराधना तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया। प्रशिक्षण में जिले के अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित जनगणना कार्य से संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि देश में जनगणना का द्वितीय चरण प्रारंभ होने जा रहा है। इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूर्व में आयोजित जनगणना से कई मायनों में अलग होगी। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, इसके उद्देश्य तथा कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जनगणना देश में जनसंख्या से संबंधित प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जनसंख्या के स्वरूप, परिवारों की स्थिति तथा विभिन्न जनसांख्यिकीय पहलुओं से संबंधित आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर यादव ने कहा कि जनगणना का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला कार्य है। इस बार जनगणना डिजिटल स्वरूप में की जाएगी, इसलिए इससे जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक प्रक्रिया और दिशा-निर्देश को समझें, ताकि मैदानी स्तर पर जनगणना कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई सामने न आए।

कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर देश में विकास की अनेक योजनाओं के लिए आवश्यकताओं का आकलन किया जाता है। जनसंख्या के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, परिवहन, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं का नियोजन करने में जनगणना के आंकड़े उपयोगी होते हैं। इसलिए प्रत्येक स्तर पर सही और विश्वसनीय जानकारी का संकलन आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि आगामी फरवरी माह में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। उच्च कार्यालयों से प्राप्त होने वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे की कार्ययोजना एवं जनगणना से संबंधित गतिविधियां निर्धारित की जाएंगी। वर्तमान प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आगामी कार्य के लिए आवश्यक रूप से तैयार करना है।

कलेक्टर ने प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह समझें और प्रशिक्षण के दौरान अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जनगणना एक व्यापक राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रशासनिक मशीनरी के साथ मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी निष्ठा, गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपादित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

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