यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग कब तक रुकेगी! जानकारी के लिए बता दे कि गर्मी शुरू होते ही घने जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो जाती है! अमेरिका से लेकर भारत के जंगलों में यह खतरा हर वर्ष यूं ही बना रहता है! इसी बीच उत्तराखंड में जंगलों के धधकने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा है! एक दिन में जंगल की आग की 68 नहीं घटनाएं सामने आई है! जानकारी के लिए बता दे कि अब तक यह आग 1316 हेक्टेयर जंगल को अपनी चपेट में ले चुकी है! वहीं मंगलवार को वन मुख्यालय के अधिकारियों ने भी जंगल को बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं! जानकारी के लिए बता दे कि पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर गडुवागाड के समीप, अदवानी व डोभ श्रीकोट के आरक्षित व सिविल क्षेत्रों में जंगल बीते सोमवार देर शाम से आग से धधक रहे हैं। मंगलवार को यहां दिनभर जंगल जलते रहे। बता दें कि अदवानी के आरक्षित वनों की आग विकराल हुई तो आग बुझाने के लिए देहरादून से वायुसेना का हेलीकॉप्टर पहुंच गया। हेलीकॉप्टर ने श्रीनगर डैम से पानी भरा और 5 से 6 चक्कर लगाकर अदवानी के जंगलों में लगी आग को बुझाया।
इसी बीच वन विभाग ने कहा कि मंगलवार को गढ़वाल में 5, कुमाऊं में 55 और वन्य जीव क्षेत्र में आठ जगहों पर जंगलों में आग लगी ! इस दौरान 119.7 हेक्टेयर जंगल की आग में चपेट में आ गया! बता दे कि अब तक कुल 998 घटनाओं में 1316 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है!
इसी बीच वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रमुख वन संरक्षक को जंगल की आग से निपटने के लिए उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दे दिए हैं!मुख्य वन संरक्षक को जंगल की आज की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के मकसद से अन्य अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों के सक्रिय सहयोग से सभी संभव एवं उचित उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है!
बता दे कि मंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शरारती तत्वों के वन अग्नि घटनाओं में संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए! पौड़ी में स्थानीय निवासियों ने बताया कि चंदोला राई व बैंग्वाड़ी गांव के जंगलों में आग लगने से चारों ओर धुंआ फैल गया। आग लगने से यहां से पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बता दे कि डीएफओ ने इस विषय पर बात करते हुए कहा कि आरक्षित वन क्षेत्र के जंगलों की आग बुझाने के लिए देहरादून से हेलीकॉप्टर मंगाये गए हैं! साथ ही अन्य जगहों की आग बुझाने के लिए मौके पर टीम को भी भेज दिया गया है! उन्होंने कहा कि आग अभी डोभश्रीकोट व सतपुली के आसपास के क्षेत्र में लगी हुई है! वही इस मामले ने एक नया मोड़ भी ले लिया है, कहा जा रहा है कि यह आग जंगलों में गर्मी की वजह से नहीं, बल्कि कुछ शरारती तत्वों की वजह से लगी है! बता दे कि बीते रविवार रात को गोचर के पास आग लगाने के आरोप में पकड़े गए चारों आरोपियों को वन विभाग ने जुर्माना लगाकर निजी मुचलके पर छोड़ दिया है! धनपुर रेंज की रेंजर ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जुर्माना लगाया गया है!
जानकारी के लिए बता दें कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगी आग अब आबादी क्षेत्र में पहुंचने लगी है! इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, इसी बीच सोमवार की रात बेतालघाट ब्लॉक के धूरा के जंगलों में लगी आज मंगलवार को छोटी जजुली गांव के आबादी क्षेत्र तक पहुंच गई है जिससे खतरा और भी बढ़ गया है! इसी बीच ग्रामीणों ने अपनी और पिरोल की लाइन काटकर करीब 10 घरों के लोगों को आग से बचाया है! यही नहीं मंगलवार को गढ़वाल में 5, कुमाऊं में 55 और वन्य जीव क्षेत्र में आठ जगहों पर जंगलों में आग लगी ! इस दौरान 119.7 हेक्टेयर जंगल की आग में चपेट में आ गया! बता दे कि अब तक कुल 998 घटनाओं में 1316 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है! इसी बीच वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रमुख वन संरक्षक को जंगल की आग से निपटने के लिए उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दे दिए हैं! हालांकि, प्रशासन के द्वारा पूरे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इन जंगलों को आग से कब बचाया जाएगा और निचले इलाक़ों पर रहने वाले ग्रामीणों की जान कब बच पाएगी!

