चुनाव आयोग ने हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान चलाकर मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने का दावा किया था। हालांकि 21 फरवरी को जारी नई सूची ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
करौंद इलाके के वार्ड 75 में एक मकान पर 37 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए, जबकि मौके पर जांच में वहां केवल एक छोटा परिवार रह रहा था। इसी तरह वार्ड 63 में मकान नंबर 21 पर 43 मतदाताओं के नाम सूचीबद्ध मिले, जबकि वास्तविकता में घर में बहुत कम लोग रहते हैं।स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में यह भी सामने आया कि एक ही पते पर दर्ज मतदाताओं की जातियां और पारिवारिक विवरण अलग-अलग हैं, जिससे सूची की सत्यता पर संदेह और गहरा हो गया है।
इस मामले को कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने उजागर किया। उन्होंने संबंधित पतों पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया और प्रशासन से सवाल किया कि जब विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था, तो ऐसे नाम सूची से हटाए क्यों नहीं गए।मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत जांच की मांग की जा रही है। संबंधित पक्षों का कहना है कि यदि कहीं त्रुटि हुई है तो उसे ठीक किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

