अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में 16 मार्च की रात कथित तौर पर हुए हवाई हमलों को लेकर विवाद गहरा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान वायुसेना ने शहर के कई इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए।इन हमलों पर पश्तून अधिकार कार्यकर्ता और पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट के प्रमुख मंजूर पश्तीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पवित्र रमज़ान के दौरान निर्दोष लोगों को निशाना बनाना बेहद अमानवीय है। उनके अनुसार, इस हमले में नागरिक इलाकों और एक अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई।मंजूर पश्तीन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ धार्मिक नेताओं द्वारा अतीत में काबुल के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए गए हैं, और उन्हें इस तरह की घटनाओं पर आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एकजुट प्रयास जरूरी हैं।जानकारी के अनुसार, हमले में लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया और शहर के अलग-अलग हिस्सों—जैसे रक्षा मंत्रालय के पास रिहायशी इलाके, खुफिया एजेंसी के आसपास के क्षेत्र, राष्ट्रपति भवन के नजदीक और एयरपोर्ट क्षेत्र—को निशाना बनाया गया।
एक बड़े सरकारी अस्पताल के भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है।बताया जा रहा है कि करीब 20–25 मिनट तक चली इस बमबारी में सैकड़ों लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की आशंका है। इसके अलावा, नंगरहार प्रांत में भी हमले की खबर सामने आई है, हालांकि वहां नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल काबुल में राहत और बचाव कार्य जारी है, जहां मलबे से लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही हैं।

