टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम द्वारा ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर Kirti Azad के बयान के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर Harbhajan Singh ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।भारत ने फाइनल में New Zealand national cricket team को हराकर ICC Men’s T20 World Cup 2026 का खिताब जीता।
जीत के बाद टीम के कप्तान Suryakumar Yadav, हेड कोच Gautam Gambhir और आईसीसी चेयरमैन Jay Shah अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां ट्रॉफी के साथ पूजा-अर्चना की गई।इस घटना के बाद किर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी को केवल मंदिर ही क्यों ले जाया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि इसे मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे क्यों नहीं ले जाया गया। उनके मुताबिक यह ट्रॉफी किसी एक व्यक्ति या समुदाय की नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि है, इसलिए सभी धर्मों का समान सम्मान होना चाहिए।
किर्ति आजाद की इस टिप्पणी पर हरभजन सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले को बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है। उनका कहना है कि किसी भी खिलाड़ी की अपनी आस्था होती है और वह अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे कहीं भी जा सकता है। हरभजन ने कहा कि अगर खिलाड़ियों ने जीत के बाद भगवान का धन्यवाद करने के लिए मंदिर में प्रार्थना की, तो इसमें गलत क्या है।उन्होंने यह भी कहा कि विश्व कप जीत जैसे बड़े मौके पर खुशी मनाने के बजाय इस तरह की बहस शुरू करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
हरभजन के अनुसार भारत में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है और अलग-अलग आस्थाओं के बावजूद लोगों का उद्देश्य एक ही होता है।इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग किर्ति आजाद के विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग हरभजन सिंह की बात से सहमत दिखाई दे रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप की जीत के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब खेल से आगे बढ़कर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

