Friday, February 13, 2026
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अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद?

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार और साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य और कुछ सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों द्वारा ज्योतिष पीठ की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, जब बदनाम करने के प्रयास सफल नहीं हुए तो अब पॉक्सो एक्ट का सहारा लिया जा रहा है।

क्या है मामला?

मामला 28 जनवरी का बताया जा रहा है, जब आशुतोष ब्रह्मचारी नामक व्यक्ति ने एक अदालत में पॉक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। इसके बाद 9 फरवरी को शंकराचार्य के प्रतिनिधि अदालत में पहुंचे और आरोपों को बेबुनियाद बताया। अदालत ने शिकायतकर्ता पक्ष से 20 फरवरी तक जवाब मांगा है।शंकराचार्य की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने हाल ही में गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और गोहत्या मुक्त भारत की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को 40 दिन का समय दिया था। विज्ञप्ति के अनुसार, इसी दौरान सत्ता समर्थित कुछ तथाकथित धर्माचार्यों का एक समूह सक्रिय हो गया और उनके खिलाफ भ्रामक, असत्य और मानहानिकारक खबरें प्रसारित की गईं।प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब तक उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही किसी अदालत ने समन जारी किया है। साथ ही प्रयागराज की किसी अदालत में उनके खिलाफ कोई विधिवत शिकायत दर्ज होने की बात से भी इनकार किया गया है। इसलिए 10 फरवरी को उनके वकील द्वारा जवाब दाखिल करने संबंधी खबरों को भी गलत बताया गया है।बताया गया है कि 28 जनवरी को दायर आवेदन पर अदालत ने तत्काल आदेश देने से इनकार करते हुए पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद, कथित रूप से झूठी सूचनाएं फैलाए जाने के चलते शंकराचार्य की ओर से आशुतोष ब्रह्मचारी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं 22 और 23 तथा भारतीय न्याय संहिता की मानहानि और झूठे मुकदमे से जुड़ी धाराओं में शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले को अदालत ने कम्प्लेन केस संख्या 125/2026 के रूप में दर्ज किया है और दोनों पक्षों को 20 फरवरी तक उपस्थित होकर जवाब देने के लिए समन जारी किया है।फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।

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