पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। दोनों पक्षों के बीच रातभर झड़प और हमलों की खबरें सामने आई हैं। तालिबान की ओर से दावा किया गया है कि पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए। तालिबान के प्रवक्ता के मुताबिक काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया गया, हालांकि उन्होंने कहा कि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
अफगानिस्तान को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन घटनाओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान में NATO सेनाओं की वापसी के बाद उम्मीद थी कि वहां स्थिरता आएगी, लेकिन मौजूदा तालिबान शासन ने स्थिति को बिगाड़ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।ख्वाजा आसिफ ने यह आरोप भी लगाया कि तालिबान सरकार ने अपने ही नागरिकों, खासकर महिलाओं, के अधिकारों को सीमित किया है।
उनका कहना था कि पाकिस्तान ने हालात को संभालने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए, लेकिन उन्हें सकारात्मक परिणाम नहीं मिले। उन्होंने भारत का नाम लेते हुए कहा कि तालिबान भारत के प्रभाव में काम कर रहा है, हालांकि इन आरोपों पर अफगान पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान का कहना है कि उसने दशकों तक लाखों अफगान शरणार्थियों को अपने यहां शरण दी है और अब भी बड़ी संख्या में अफगान नागरिक वहां रह रहे हैं। रक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो पाकिस्तान कड़ा रुख अपना सकता है।फिलहाल दोनों देशों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सीमा क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

