अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार को जानकारी दी कि अमेरिकी सेना का एक KC-135 विमान इराक के पश्चिमी हिस्से में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस मिशन में दो विमान शामिल थे, जिनमें से एक क्रैश हो गया जबकि दूसरा सुरक्षित रूप से लैंड करने में सफल रहा।
हादसे के बाद तुरंत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है, ताकि विमान और उसमें सवार क्रू मेंबर्स का पता लगाया जा सके।CENTCOM के मुताबिक यह घटना इराक के वायु क्षेत्र में उस समय हुई जब अमेरिकी सेना का ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ चल रहा था और सैनिकों की आवाजाही की जा रही थी।
फिलहाल दुर्घटना के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह हादसा किसी दुश्मन के हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं हुआ है। CENTCOM का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस घटना से जुड़ी और जानकारी साझा की जाएगी।KC-135 विमान अमेरिकी वायु सेना में पिछले लगभग 60 वर्षों से इस्तेमाल किया जा रहा है।
आम तौर पर इसमें तीन क्रू मेंबर्स होते हैं—पायलट, को-पायलट और एक बूम ऑपरेटर, जो दूसरे विमानों को हवा में ईंधन भरने का काम करता है। कुछ मिशनों में नेविगेटर भी शामिल होता है। यह विमान अधिकतम 37 यात्रियों को ले जाने में सक्षम माना जाता है।इससे पहले मध्य-पूर्व में जारी तनाव के शुरुआती चरण में अमेरिका को एक और नुकसान उठाना पड़ा था।
उस दौरान कुवैत में तैनात तीन F-15E फाइटर जेट गलती से कुवैती वायु रक्षा प्रणाली की फायरिंग का शिकार हो गए थे। इसे फ्रेंडली फायर की घटना बताया गया था। उस हमले के दौरान ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन की गतिविधियां भी सामने आई थीं।हालांकि उस घटना में शामिल सभी छह अमेरिकी एयरक्रू सुरक्षित तरीके से पैराशूट के जरिए बाहर निकलने में कामयाब रहे थे। बाद में कुवैत ने इस गलती को स्वीकार किया और बचाव अभियान में सहयोग भी किया।

