कनॉट प्लेस में दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद रखने का फैसला; कालका शताब्दी और जनशताब्दी रद्द होने से पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को परेशानी
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रस्तावित CJP के धरना-प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, जंतर-मंतर और संसद मार्ग सहित लुटियंस दिल्ली के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बनाया गया है। कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और आवाजाही नियंत्रित की जा रही है।
37 जगहों पर नाकाबंदी, 15 हिरासत केंद्र बनाए जाने की जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 37 स्थानों पर नाकाबंदी की गई है और 15 हिरासत केंद्र बनाए गए हैं। करीब 45 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती किए जाने की बात कही गई है। इनमें दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं। जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए 221 कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनकी तैनाती 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए की गई है। बताया गया है कि इन कंपनियों में करीब 23 हजार जवान शामिल हैं। इसके अलावा महिला सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
कनॉट प्लेस में दुकानें और रेस्तरां बंद रखने का फैसला
जंतर-मंतर के आसपास संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस (सीपी) में दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां बंद रखने का फैसला किया गया है। कारोबारियों के अनुसार, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के कारण मध्य दिल्ली में लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
शताब्दी और जनशताब्दी रद्द, वैकल्पिक साधनों से दिल्ली पहुंचे छात्र
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र आधी रात से ही राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने लगे। चंडीगढ़ से दिल्ली आने वाली कालका शताब्दी और जनशताब्दी ट्रेनें रद्द होने के बाद विद्यार्थियों को यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। छात्रों ने बसों और निजी वाहनों से दिल्ली पहुंचने की तैयारी की।
रेलवे के अनुसार, कालका शताब्दी सुबह 6:53 बजे और जनशताब्दी सुबह 7:41 बजे रवाना होनी थी, लेकिन दोनों ट्रेनें रद्द कर दी गईं। इससे दिल्ली जाने की योजना बना रहे यात्रियों, विशेषकर प्रदर्शन में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन जारी रखने की छात्रों की घोषणा
पंजाब यूनिवर्सिटी के आईसा संगठन के सदस्य आयुष ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निजामुद्दीन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली ट्रेनों के रद्द होने से छात्रों को परेशानी हुई है।
छात्रों का कहना है कि वे अपने प्रस्तावित कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रदर्शन 11, 12 और 13 अक्टूबर को भी जारी रखा जा सकता है।