आईटी अधिनियम और अन्य कानूनों के उल्लंघन पर कार्रवाई, लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को भारत में सार्वजनिक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया है। सरकार ने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और अन्य लागू कानूनों के उल्लंघन के आधार पर की है।
लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के लिए जवाबदेह और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 25 फरवरी 2021 को ‘सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021’ अधिसूचित किए थे।
डिजिटल मीडिया के लिए लागू है आचार संहिता
सरकार के अनुसार, आईटी नियम, 2021 के भाग-III में डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता निर्धारित की गई है। इन नियमों के तहत प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया जाता है और आवश्यक होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
आईटी अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान
सरकार ने बताया कि आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(बी) के तहत मध्यस्थों (Intermediaries) को अवैध सामग्री हटाने या उस तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
शिकायतों की जांच के बाद सरकार ने उन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की, जिन पर आईटी अधिनियम की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 तथा महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के उल्लंघन का आरोप पाया गया।
दो वर्षों में 50 प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध
सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान अश्लील कंटेंट के प्रसारण और लागू कानूनों के उल्लंघन के मामलों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म को भारत में सार्वजनिक पहुंच के लिए बंद कर दिया गया। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कानूनों का पालन सुनिश्चित करने और सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह जानकारी डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

