पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल-गैस की वैश्विक अनिश्चितता के बीच सरकार ने Essential Commodities Act लागू करने का फैसला किया है। इसका मकसद देश में ऊर्जा आपूर्ति पर बेहतर नियंत्रण रखना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी मजबूत करना है।
इस कानून के लागू होने के बाद पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस से जुड़ी सभी कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने उत्पादन, भंडारण, आयात-निर्यात और खपत से जुड़ा ताज़ा डेटा नियमित रूप से Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) के साथ साझा करें।
यह एजेंसी पहले से ही तेल मंत्रालय के लिए डेटा एकत्र और विश्लेषण करने का काम करती है।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी संकट—जैसे आपूर्ति में कमी, कीमतों में उछाल या अंतरराष्ट्रीय बाधाओं—की स्थिति में सरकार के पास सटीक और ताज़ा जानकारी उपलब्ध रहे। इससे समय रहते फैसले लेने और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह आदेश अधिनियम की धारा 3 के तहत जारी किया है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर उत्पादन, वितरण और भंडारण को नियंत्रित किया जा सकता है। इस प्रावधान का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई, यहां तक कि जेल की सजा भी हो सकती है।

